Pumkin eating scientific benefits| Health care tips Hindi | कद्दू से होने वाले फायदे और नुकसान क्या है।

कद्दू से होने वाले फायदे और नुकसान

आज हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताएंगे जिसके सेवन से आपको कई बीमारियों से लड़ने में मदद मिलेगी और शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी आज के समय में आप अपने शरीर का ध्यान जरूर रखें क्योंकि बीमारियों से तथा इंफेक्शन से लड़ने के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना जरूरी है


कद्दू या फिर आम भाषा में बोले जाने वाला सीताफल ठंडक पहुंचाने वाला होता है। इसे डंठल की तरफ से काटकर अपनी एड़ियों पर रगड़ने से शरीर का तापमान कम होता है।  कद्दू का जूस भी सेहत के लिए बहुत लाभप्रद होता है। कद्दू के बीज भी बहुत गुणकारी होते हैं।  प्रोटीन और फाइबर आदि के भी अच्छे स्रोत पाए जाते हैं। यह काफी बलवर्धक रक्त एवं पेट को साफ करने में असरदार साबित होता है पित्त व वायु विकार दूर करता है और मस्ती के लिए भी काफी लाभप्रद होता है।

कद्दू में सेट नहीं पाया जाता है। इससे हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम बनी रहती है और दिल भी स्वस्थ रहता है। इसमें पाए जाने वाले डाइटरी फाइबर से पेट की कई तकलीफ में आराम मिलता है।

कद्दू में फैट नहीं पाया जाता है। इससे हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम बनी रहती है और दिल भी स्वस्थ रहता है। इसमें पाए जाने वाले डाइटरी फाइबर से पेट की कई तकलीफों  में आराम मिलता है।

कद्दू भारत में एक लोकप्रिय सब्जी के रूप में जाना जाता है जो कि देश के लगभग सभी भागों में उगाई जाती है कद्दू को काशीफल और सीताफल भी कहा जाता है। कद्दू का अंग्रेजी में नाम पंपकिन राउंड गार्ड है। कद्दू का वानस्पतिक नाम कुकर बिता मॉस चाटा है। कद्दू का साला कार में काफी बड़ा होता है और यह  6 महीने तक खराब नहीं होता है। आता है 6 महीने तक इसका उपयोग सब्जी अन्य रूप में किया जा सकता है कद्दू की बेल होती है इसका फूल पीला और फल पहले हरा और पकने के बाद हल्का  पीला हो जाता है।

हल्के भूरे कद्दू को सुखाकर चूर्ण बनाकर खाने तथा उसके तरकारी बनाकर खाने या उसका पार्क बनाकर सेवन करने से पीलिया दूर हो जाती है यह पीलिया के लिए उत्तम व सरल औषधि है।

कद्दू में मुख्य रूप से beta-carotene पाया जाता है जिससे हमें विटामिन ए मिलता है पीले और संतरी कद्दू में प्रोटीन की मात्रा अपेक्षाकृत काफी अधिक होती है। Beta-carotene एक एंटीऑक्सीडेंट होता है जो हमारे शरीर में फ्री रेडिकल से निपटने में हमारी मदद करता है कद्दू हमारे शायरी के साथ शुगर को भी नियंत्रित करता है और हमारे अग्नाशय को सक्रिय रूप से कार्य करने में मदद करता है यही कारण है कि मधुमेह के रोगियों को कद्दू की सब्जी खाने की सलाह दी जाती है और इसके बीच का भी रस स्वास्थ्यवर्धक माना गया है।

कद्दू का उपयोग करने से दिमाग सही तरीके से काम करता है। इसके खाने से हमारे शरीर में चंचलता और अनिद्रा जैसी समस्याएं दूर हो जाती हैं। इसमें मौजूद तत्व मानसिक तकलीफों को दूर करने और बुद्धि को तेज करने में सहायक होते हैं।

कद्दू में जल की मात्रा काफी अधिक होने के कारण यह पथरी जैसे भयानक परेशानी के लिए काफी लाभप्रद होता है। इसके बीज भी इस समस्या के लिए काफी लाभकारी सिद्ध होते हैं। पथरी जैसी समस्याओं से निपटने के लिए इसके बीज को पानी में पीने से सारे साले पदार्थ मूत्र के रास्ते बाहर निकल जाते हैं।



काशीफल मैं फोलिक एसिड होता है जो शरीर में नाइट्रिक एसिड की मात्रा को काफी हद तक घटाता है। यह शरीर की क्रिया को  सही तरीके से चलाता है।

सीताफल व इसके बीजों में विटामिन सी और ई, आयरन - कैल्शियम -मैग्नीशियम - फास्फोरस -पोटैशियम - जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं।

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