विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग और लक्षण

विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग
विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग

शरीर में विटामिन डी की कमी चिंताजनक विषय है क्योंकि विटामिन डी हमारे शरीर के लिए आवश्यक घटक माना जाता है इसके अभाव में कई ऐसे विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग हो जाते हैं जो शरीर को काफी नुकसान देते हैं।


विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग का हमें समय रहते इलाज करवाना चाहिए नीचे हमने ऐसे ही कुछ लोग बताएं हैं जो विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग हैं।

•विटामिन डी की कमी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां उत्पन्न हो जाती हैं जो कि विटामिन डी की कमी का एक कारण होता है।


•विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं क्योंकि विटामिन डी की कमी से osteoporosis नामक बीमारी हो जाती है जिसकी वजह से हड्डियां कमजोर, हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में दर्द की शिकायत होती हैं और इसकी वजह से हड्डियों के टूटने तथा फैक्चर होने की संभावना बढ़ जाती है।


•विटामिन डी की कमी से महिलाओं में बांझपन जैसी समस्या हो जाती है जिसकी वजह से वह संतान सुख की प्राप्ति नहीं कर पाती हैं।


•कई हृदय रोग भी विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग मैं से एक हैं


विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग कई हैं उन्हीं में से एक बच्चों में होने वाला सूखा रोग है सूखा रोग को रिकेट्स भी कहा जाता है इससे बच्चों की हड्डियां मुलायम और कमजोर हो जाती है  जिसकी वजह से वह आसानी से मुड़ जाती हैं।


•बच्चों में अस्थमा होना विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग में से एक है।


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विटामिन डी की कमी के लक्षण

पौष्टिक और संतुलित आहार लेने से भी हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है और हमें विटामिन डी की कमी के लक्षण भी दिखाई देने लग सकते हैं क्योंकि संतुलित आहार लेने से विटामिन डी हमें मात्र 10 फ़ीसदी ही प्राप्त होती हैं और बाकी की 90 फ़ीसदी हमें सीधे सूर्य के प्रकाश से मिलती है इसलिए हमें दिन में कम से कम 15 से 20 मिनट सीधे सूर्य के प्रकाश को ग्रहण करना चाहिए।


यदि हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तो हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी के लक्षण दिखाई देने लगते हैं जो हमें गंभीर रोगों से ग्रसित कर सकते हैं विटामिन डी की कमी के लक्षण कुछ इस प्रकार के होते हैं:-


•विटामिन डी की कमी से बालों का झड़ना

विटामिन डी की कमी से बालों के झड़ने जैसी समस्या उत्पन्न होती है। इसका एक कारण हम तनाव को भी मान सकते हैं लेकिन बालों के झड़ने में विटामिन डी की के लक्षण भी हो सकते हैं।


• शरीर में उदासी रहना

शरीर में उदासी का होना या फिर चिड़चिड़ापन सा महसूस करना विटामिन डी की कमी का लक्षण हो सकता है


• शरीर में वजन का बढ़ना

यदि आपके शरीर में अचानक से वजन बढ़ जाता है या फिर आपको मोटापे की शिकायत हो तो इसका कारण विटामिन डी की कमी भी हो सकती है। कम वजन वाले मनुष्यों की तुलना में अधिक वजन वाले मनुष्यों को विटामिन डी की अधिक आवश्यकता होती है। यदि इन कारणों से आपके शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो आपको विटामिन डी लेने की आवश्यकता पर सकती है।


• रोग प्रतिरोधक क्षमता का कम होना

विटामिन डी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है यदि आप बार-बार संक्रमण की चपेट में आ जाते हैं इसका एक कारण विटामिन डी की कमी हो सकती हैं।


• घाव का जल्दी से ठीक ना होना

कोई भी सर्जरी के बाद या फिर किसी चोट लगने के बाद आपके घाव जल्दी से ना भरे तो आपके शरीर में विटामिन डी की अति आवश्यकता है।


• हड्डियों का कमजोर होना

विटामिन डी को कैल्शियम अवशोषित करने का अच्छा माध्यम माना जाता है यदि आपकी हड्डियां कमजोर हो रही हैं तो इसका एक ही कारण है कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है क्योंकि विटामिन डी की कमी से आपका शरीर कैल्शियम को अवशोषित नहीं कर पा रहा है। कैल्शियम की कमी से आपकी हड्डियों में फैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। हड्डियों का कमजोर होना विटामिन डी की कमी के लक्षण मैं से एक है।


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•सर में पसीना आना

सर में पसीना आना विटामिन डी की कमी के लक्षण मैं से एक है यह लक्षण हाल ही के जन्मे शिशु के अंदर देखने को ज्यादा मिलता है। विटामिन डी की कमी से सर में पसीना आता है।


•पाचन तंत्र में परेशानी

विटामिन डी एक तरह का वसा में घुलनशील वाला विटामिन है। पाचन संबंधी किसी भी तरह के रोग फैट के अवशोषण प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।ऐसा होने से शरीर में विटामिन डी का स्तर कम हो जाता है।


•हड्डियों तथा जोड़ों में दर्द की शिकायत होना

विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और इससे हड्डियों के जोड़ों में दर्द की शिकायत होती हैं। यह शिकायत पीठ और घुटनों में अधिक होती हैं। विटामिन डी की कमी से ओस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) नामक हड्डियों की बीमारी हो जाती है और इससे हड्डियों का टूटना और फैक्चर से संबंधित खतरा और अधिक बढ़ जाता है।


•शरीर में थकान महसूस होना

विटामिन डी की कमी से शरीर में थकान महसूस होती है और मांसपेशियों में दर्द होता है। थकान के कई और भी कारण भी होते हैं उनमें से एक कारण विटामिन डी की कमी भी हो सकती है।


विटामिन डी की कमी का कारण

मनुष्य का शरीर मुख्य तौर पर विटामिन डी की पूर्ति संतुलित आहार तथा सूर्य की रोशनी से करता है। विटामिन डी की कमी का कारण कई तरह के हो सकते हैं। नीचे दिए गए कारण ही शरीर में विटामिन डी की कमी का कारण बनते हैं।


•भोजन के माध्यम से विटामिन डी की पूर्ति न कर पाना।


•सही पाचन तंत्र के वजह से विटामिन डी को अवशोषित ना कर पाना विटामिन डी की कमी का कारण माना जाता है।


•लीवर और किडनी के खराब स्वास्थ्य की वजह से विटामिन डी को सक्रिय रूप में परिवर्तित नहीं कर सकना विटामिन डी की कमी का कारण हो सकता है।


•अन्य रोगों के लिए चल रही दवाइयों की वजह से भी विटामिन डी को अवशोषित करने की प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न होता है।


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विटामिन डी के आहार

दुनिया में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए ऐसे कई विटामिन डी के आहार हैं जिनसे हम को विटामिन डी प्राप्त होती है तथा इन विटामिन डी के आहार को खाने से हम अपने शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन डी के आहार कुछ इस प्रकार हैं:-


मछली - खाने के रूप में मछली को इस्तेमाल करने से विटामिन डी की कमी को कहीं हद तक पूरा कर सकते हैं क्योंकि मछली को विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है।


मशरूम- इसको विटामिन डी से भरपूर पाया जाता है और इसको खाने से हम अपने शरीर में विटामिन डी की कमी को सुधार सकते हैं।


अंडा- स्वास्थ्य के लिए अंडा भी काफी फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसके अंदर प्रोटीन और विटामिन डी भी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है इसलिए विटामिन डी की कमी होने पर अंडे का सेवन करना चाहिए।


दूध - प्रोटीन और वसा तथा विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत दूध को माना जाता है इसलिए विटामिन डी की कमी होने पर हम दूध का सेवन कर सकते हैं।


डेयरी उत्पाद- विटामिन डी के लिए डेयरी उत्पाद जैसे कि पनीर, मक्खन, दही, दूध आदि एक अच्छे विटामिन डी के आहार हैं।


संतरे का जूस -संतरे के जूस में विटामिन सी तथा विटामिन डी, विटामिन ए की मात्रा अच्छी खासी पाई जाती है जिससे हमारे शरीर में कई विटामिन एक साथ मिल जाते हैं।


सोया मिल्क- सोयाबीन से निकला हुआ दूध भी विटामिन डी का एक अच्छा माध्यम माना जाता है जिसके सेवन से शरीर में विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।


अनाज- अनाजों का सही सेवन करने से हम विटामिन डी को प्राप्त कर सकते हैं।


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विटामिन डी के स्रोत

विटामिन डी के स्रोत में से सबसे अच्छा स्रोत सूरज की रोशनी यानी कि धूप को माना जाता है क्योंकि इससे हम लगभग 90 फ़ीसदी विटामिन डी प्राप्त करते हैं और यही सबसे अच्छा विटामिन डी का स्रोत माना जाता है इसलिए हमको सीधे सूरज से उत्पन्न धूप को प्राप्त करना चाहिए। विटामिन डी के स्रोत कुछ इस प्रकार हैं:-


•विटामिन डी युक्त आहार खाएं जैसा की मछली और अंडा तथा पनीर क्योंकि यह विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं। दूध में भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी मौजूद होता है।


विटामिन डी के स्रोतों मैं विटामिन डी सप्लीमेंट भी हैं जो कि डॉक्टरों की सलाह पर आप ले सकते हैं और अपनी विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं।


•विटामिन जी का इंजेक्शन एक विटामिन डी के स्रोत मैं सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि यह इंजेक्शन 6 महीने तक असरदार होता है जिससे आपको 6 महीने तक विटामिन डी की कमी महसूस नहीं होती।


•सूरज से मिलने वाली धूप विटामिन डी का एक सबसे बढ़िया स्रोत है जिससे कि आपको 90 फ़ीसदी विटामिन डी प्राप्त होती है इसके लिए आपको कम से कम दिन में 15 से 20 मिनट सूर्य की रोशनी लेनी चाहिए।



विटामिन डी की कमी के उपचार

विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा विटामिन डी से युक्त भोजन को खाना चाहिए इसके अलावा विटामिन डी के सप्लीमेंट खाने चाहिए और सीधे सूरज की रोशनी यानी कि धूप को ग्रहण करना चाहिए यही सबसे अच्छे विटामिन डी की कमी के उपचार है।


विटामिन डी की मात्रा कितनी लेनी चाहिए यह अलग-अलग बातों पर निर्भर करता है जैसे कि आपकी उम्र कितनी है, आप कितना परिश्रम करते हैं, तथा आपकी पाचन क्रिया कितनी दुरुस्त है। इन कारणों को नजर मे रखते हुए हम यह तय कर पाते हैं कि हमको कितनी विटामिन डी की आवश्यकता है। लेकिन हमको एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि यदि हमारे शरीर में विटामिन डी की कमी होती है तो हमें तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना जरूरी है।


•अधिक से अधिक धूप को ग्रहण करें क्योंकि विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत धूप को माना जाता है।


•विटामिन डी के लिए सप्लीमेंट का सेवन करें डॉक्टरों की सलाह पर । क्योंकि इससे आप अपने शरीर में विटामिन डी की कमी को दूर कर सकते हैं।


•खाद्य पदार्थ में मछली अंडा दूध पनीर सोया मिल्क का सेवन करना चाहिए इसके अंदर विटामिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है और यही आहार विटामिन डी के उपचार में सबसे कारगर साबित होते हैं।







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